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Hamara aadhura ishq | poetry by Shivangi lal


कितने अलग थे ना हम जैसे चुंबक के दो ऑपोजिट पोल्स

तुम वह जिसके लिए सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट होती थी चाय 

और मैं वह जिसका कॉफी के बिना दिन नहीं गुजरता

तुम्हें तस्वीरें खिंचवा  पसंद नहीं और मेरे लिए सेल्फिज  मस्ट होती थी 

Kitne alag the Na hm jese chumbak k 2 opposite pole 

Thum vh jiske lea sbse jada important hothi thi chai or mai vh jiska coffe k bina din nhi gujartha 

Thumhe tasvire khichvana psnd nhi or mere lea selfies must hothi thi 


तुम मुस्कुराते थोड़ा कम हो पर मुझे मुस्कुराने से कोई रोक नहीं सकता , तुम बातें थोड़ी कम करते हो और लोग मुझे चैटरबॉक्स बोलना बंद नहीं करते 

तुम्हें अपनी फीलिंग एक्सप्रेस करना नहीं आती और मैं

अपना दिल खोल कर रखती हूं  कितना खड़ूस है यह सोच कर मुझे पसंद भी नहीं थे पर मुझे अब भी याद है जब हमारी पहली बार नजर मिली थी और कुछ कुछ कुछ कुछ तो अलग सा महसूस किया था मैंने , कितना कलुजस्सा साउंड करता है

पर मुझे अब भी याद है जब पहली बार हमारे हाथ टकराए थे

और मेरे चेहरे से मेरी मुस्कान मानो जाने का नाम ही नहीं ले रही थी 


Thum mushkurath thoda km hi pr muge muskura e se koi rok nhi sktha , thum bathe thodi km krethe ho or log muge chaterbox bolena bnd nhi krethe 

Thumhe apni fillings express krena nhi aathi or mai apna dil khole kr rakhthi hu kitna khdud hai yh soch kr muge psnd bhi nhi the pr muge ab bhi yaad hai jb hmari phali baar njar mili thi or kuch kuch kuch tho alag sa mahsush kiya tha mene , kitna cluejuss sa sound tha pr muge ab bhi yaad hai jb phli baar hmare haath tkraye the 

Or mere charhe se mere muskurath mano jaane ka name he nhi le rhi thi 


मुझे अभी भी याद है  जब तुम मुझे पहली बार देख कर मुस्कुराए थे

वह मुस्कुराहट इतनी खूबसूरत थी जितनी एक ढलते सूरज की किरणें झील पर झलकती हुई लगती हैं 

Muge abhi bhi yaad hai jb thum muge phli baad dekh kr muskuraye the 


फिर तुमसे बात करते हुए वक्त कैसे गुजर जाता था इस बात का अंदाजा मैं कभी लगा ही नहीं पाई 

शायद इसलिए कि वक्त का हिसाब किसी ने रखा ही नहीं

हमारी अटपटी बातें नोकझोंक और ऑन नेक्स्ट म्यूजिक आज भी मेरे ख्यालों के दरवाजे पर खटखटाते हैं 

कुछ रिश्ते होते हैं ना जिनमें कुछ कहा नहीं जाता

मगर महसूस महसूस सब किया जाता है ।

कुछ रिश्तो में ब्लैक एंड वाइट नहीं होता कुछ रिश्तो में ग्ररे होता है 

Fir tumse bath krethe hua kese vkth gujar jatha tha es baath ka andaja mai kabhi lga he nhi pai 

Shayed islea ki vkth ka hisab kise ne rakha he nhi 

Hmari atpti bathe nokjok or on text music aaj bhi mere khyaalo k darvaje pr khtkhthae hai 

Kuch rishtey hothe hai na jinme kuch kha nhi jatha 

Magar mahsus sb kuch kiya jatha hai 

Kuch rishteo mai black and white nhi hotha kuch rishteo mai grey hotha hai 


 हमारे दरमियां जो था जैसा एक आंगन हो जिसके बीचो बीच

 हमारी दोस्ती पनप रही थी और अगर गौर से सुनो

 तो उस आंगन के कोने कोने में इश्क की गूंज थी 

 बरसों बाद किसी से बात करना अच्छा लगने लगा था 

  मुझे मन हल्का लगने लगा था 

  हर दफा तुम्हारे चेहरे में एक अच्छा दोस्त ढूंढती थी पर जितनी बार नजरें मिली उन्होंने कुछ अलग ही कहा क्योंकि जुबा  तो कब की मुकर चुकी थी 

  तू जहां उल्फत ने तुम्हें दुनिया दिखाई  वहां मेरी मोहब्बत तुम्हें घर ले आई 

Hmare drmiya jo tha jesa ek aangan ho jiske bicho bich hmari dosti PNP rhi thi or for se suno tho os aangan k kone kone mai ishq ki gunj thi 

Brso baad kise se bath krena aacha lgne lga tha 

Muge mn hlka lgne lga tha 

Hr dfa thumhare chate mai ek aacha dost dhundh thi thi pr jitni baar njre Mimi onhone kuch alag he kha kyoki Juba tho kb ki muker chuki thi 

Tho Jha olfth ne thumhe duniya dikhai vha mere mohbbath thumhe gr le aai 



  अपनी दुनिया में तुम लोगों के आंखों के तारे हो 

  मगर तुम्हारी दुनिया में तुम्हारी आंखों में बस से एक ब्रह्मांड का छोटा सा हिस्सा  बनना चाहती थी मैं 

इश्क में मानो जैसे बंद कर एक उड़ान सी  मिलती है 

और तुम्हारा टाइम तो नो स्ट्रिंग्स अटैचेद है 

तो मैं अगर हमारे दिलों के बीच एक नाजुक सी डोरी पर

कितनी भी पक्की घाट बांध लेती तो

वह तुम्हारी ओर से कच्ची रहकर टूटी हि जानी थी

Apni duniya mai thum logo k aakho k taare hi magar tumhari duniya mai thumhari aakho mai bs ek bhrmhaand ka chota sa hissa bnna chathi thi mai 

Ishq mai maano jese bnd kr ek odaan si milethi hai 

Or thumhara time tho ni string attached hai 

Tho mai agar apne dilo k bich ek najuk se door pr kitni bhi pakki gaat bandh lethi thi 

Pr vh thumhari or se kacchi rh kr tutni he thi 


क्योंकि इश्क एक कीमती तोहफा है  जो कहीं दफा 

खाली हाथों में खेलने के लिए  पकड़ा दिया जाता है

क्योंकि मैं इश्क से बना एक आशियाना चाहती थी और तुम एक बंजारे थे 

तो अगली दफा जब हम मिले तो जब हमारी नजरें टकराई शायद  मैं उन नजरों में अपने उन सवालों का जवाब ना डुढु   जो कि मैंने तुमसे कभी पूछे ही नहीं

Kyoki Ishq ek kinthu thohfa hai jo khi dfa khali hatho mai khelene k lea pkda diya jatha hai 

Kyoki mai ishq se bna ek aashiyaan chathi thi or thum ek banjare the 

Tho agli dhfa jb hm mile tho jb hmari njre takrai 

Shayed mai on najro mai apne on swalo ka jwab na dhundhu jo ki mene tumse kabhi puche he nhi 


क्योंकि मुझे पता है कि मैं तुमसे वह सवाल पूछती तो तुम उनका जवाब देना मुनासिब नहीं समझते 

Kyoki muge patha hai ki mai tumse swal puchthi tho thum onka jwab dena munasib nhi smjthe 


हम जैसे पुरानी कहानियां हैं स्टोरी बुक्स के जैसे भुला दिए जाएंगे मगर तुम हमेशा मेरी वह फेवरेट  स्टोरी बुक रहोगे

जिसे मैं अपने करीब रखूंगी 

और शायद बार-बार पढ़ूंगी  इस उम्मीद में कि उस धूल के जमने के बावजूद हमारे जज्बात एक दूसरे के लिए वही होंगे

तो आज से 50 साल बाद जब तुम मेरे दरवाजे पर दस्तक दो

और कहो कि मुझे तुम्हारी जरूरत है तो शायद मैं अपना सब कुछ छोड़ छाड़ कर तुम्हारे लिए पूरा पूरा जमीन आसमान एक कर दू 

Hm jese porani khaniya hai story books k jese bhula diye jayenge mgar thum hmesha mere vh favourite story book rhoge jese mai apne krib rakhungi 

Or shayed bar-bar pdungi es ummid mai ki or dhule k jmne k bavjud hmare jajbath ek dusre k lea vhi hoge 

Tho aaj se 50 saal baad jb thum mere drvaje pr dasthak do or kho ki muge thumari jrurath hai tho shayed mai apna sb kuch chod chad ke tumhare lea pora pora jmin aasmaan ek kre du 



और अगर आज से 50 साल बाद मेरे दरवाजे पर दस्तक दो और कहो तुम हमारे रिश्ते को फिर एक मौका देना चाहते हो तो शायद में भी हमारे रिश्ते को एक मौका दूंगी

और अगर आज से 50 साल बाद दरवाजे पर दस्तक दो ,  कहो कि मुझे तुमसे मोहब्बत है तो शायद तब मैं कह दू हां 

मुझे तुमसे मोहब्बत है 

Or agar aaj se 50 saal baad mere drvaje pr dasthak do or kho thum hmare rishtey ko fir ek moka dena chathe ho 

Tho shayed mai bhi hmare rishthy ko ek moma dungi 

Or agar aaj se 50 saal baad Drvaje pr dasthak do or  kho  ki muge tumse mohabbat hai tho shayed mai kh du ha muge tumse mohabbat hai 


क्योंकि इस जिंदगी में प्यार शब्द का मतलब तुम्हारे नाम के अक्षर देते हैं 

Kyoki es jindgi mai pyar shanth ka mtlb tumhare naam k Akshar dethe hai 


क्योंकि बरसों बाद भी इस दिल पर जब यह धूल को हटाने के बावजूद हमारे दरमियां जो होकर भी नहीं था उसके निशान मिलेंगे

तो आज से 50 साल बाद तुम मेरे दरवाजे पर दस्तक दो तो

काश काश इसलिए हो कि तुम से चाबी खो गई ।

Kyoki brso baad bhi es dil pr jb yh dhule ko htane k bavjud Hmare drmiya jo hoker bhi nhi tha oske nishaan milenge 

Tho aaj se 50 saal baad thum mere drvaaj pr dasthak do tho kash kash esslea ho ki thum se chabhi kho gyi

2 thoughts on “Hamara aadha ishq | poetry by Shivangi lal

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